महाराष्ट्र की राजनीति का ‘पावर’ हाउस क्या खत्म हो जाएगा? एक विमान हादसे में एनसीपी नेता और राज्य के डिप्टी सीएम अजित पवार का निधन हो गया है. ऐसे में बड़ा सवाल यह है कि अब कौन संभालेगा बारामती की विरासत? महाराष्ट्र की राजनीति के लिए आज का दिन यानी बुधवार तारीख 28 जनवरी 2026 एक काले अध्याय की तरह आया है. राज्य के उपमुख्यमंत्री और राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (NCP) के प्रमुख अजित पवार का पुणे के बारामती में एक विमान हादसे में दुखद निधन हो गया है. बुधवार सुबह करीब 8:48 बजे उनका निजी चार्टर्ड विमान (Learjet 45) बारामती एयरपोर्ट पर लैंडिंग के दौरान दुर्घटनाग्रस्त हो गया और उसमें भीषण आग लग गई. इस हादसे में अजित पवार के साथ उनके सुरक्षाकर्मी और चालक दल के सदस्यों समेत कुल 6 लोगों की मौत हो गई है. अजित पवार अपने गृहक्षेत्र बारामती में जिला परिषद चुनावों के सिलसिले में चार जनसभाओं को संबोधित करने जा रहे थे, लेकिन नियति को कुछ और ही मंजूर था.
अजित पवार, जिन्हें प्यार से लोग ‘दादा’ कहते थे, महाराष्ट्र की राजनीति के ऐसे ध्रुव थे जिनके इर्द-गिर्द पिछले दो दशकों की सत्ता घूमती रही. उनके निधन से न केवल सत्ताधारी महायुति गठबंधन को गहरा धक्का लगा है, बल्कि मराठा राजनीति का एक मजबूत स्तंभ भी गिर गया है. अजित पवार की पहचान एक सख्त प्रशासक और निर्णय लेने में माहिर नेता की थी. उनके जाने के बाद अब महाराष्ट्र की राजनीति पूरी तरह से बदल जाएगी. आगामी नगर निकाय और जिला परिषद चुनावों में उनकी कमी खलेगी, क्योंकि वह जमीनी स्तर पर कार्यकर्ताओं को जोड़ने की अद्भुत क्षमता रखते थे.



